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गोरखपुर के अस्पताल में 30 बच्चों की मौत पर स्वराज इंडिया द्वारा निष्पक्ष..

गोरखपुर के अस्पताल में 30 बच्चों की मौत पर स्वराज इंडिया द्वारा निष्पक्ष..

  • 2017-08-12T13:07:15Z

स्वराज इंडिया ने गोरखपुर त्रासदी पर जताया शोक, की स्वतंत्र जाँच की माँग।


प्रेस नोट : 12 अगस्त 2017

  • गोरखपुर में 30 बच्चों की मृत्यु पर स्वराज इंडिया ने जताया शोक 
  • पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार की लापरवाही और गैर-ज़िम्मेदारी पर उठाये सवाल
  • पार्टी इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग करती है, साथ ही मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफ़ी की मांग भी की।

 

स्वराज इंडिया ने गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में 30 बच्चों की मृत्यु पर शोक जताया है। पता चला है कि यह दुर्घटना इस कारण से हुई क्योंकि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी ने सप्लाई रोक दी। वह इसलिए क्योंकि कंपनी को उसका बकाया नहीं चुकाया गया था। कुछ ऐसे भी आंकड़े सामने आये हैं कि सरकार द्वारा संचालित बाबा राघव दास अस्पताल में 7 अगस्त से 11 अगस्त - 5 दिनों के भीतर - कम से कम 60 बच्चों की मौत हुई। 

स्वराज इंडिया ने मेडिकल सुविधाओं की इस ग़ैर ज़िम्मेदाराना लापरवाही पर आपत्ति जताई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ, स्वयं को गोरखपुर का संरक्षक बताते रहे हैं, जहां दिमाग़ी बुख़ार से साल दर साल बच्चे मरते हैं। बहरहाल, 24 घंटे में 30 बच्चों की मौत किसी रोग के कारण नहीं, बल्कि इसलिए हुई क्योंकि अस्पताल बच्चों को ऑक्सीजन ही नहीं दे पाया। चौंकाने वाली बात ये है कि दो ही दिन पहले योगी आदित्यनाथ इस अस्पताल के दौरे पर गए थे जहाँ वो बच्चों के वार्ड में भी गए थे।

घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए स्वराज इंडिया के राष्ट्रिय अध्यक्ष, योगेंद्र यादव ने पूछा, "समझ में नहीं आता कि मुख्यमंत्री का यह दौरा किस काम का था अगर वो यह भी नहीं जान पाए कि बच्चों के वार्ड में न्यूनतम सुविधाएं भी नहीं हैं?"

चिंताजनक बात यह है कि न तो मुख्यमंत्री और न ही उनके मंत्री इस त्रासदी की ज़िम्मेदारी ले रहे हैं। पूरे प्रकरण को अफसर स्तर की भूल तक बताया जा रहा है। आम तौर पर हर मामले में नैतिकता की बात करने वाली भाजपा का मुखौटा पूरी तरह से उतरता नज़र आ रहा है।

स्वराज इंडिया इस त्रासदी के स्वतंत्र जांच की मांग करती है। इसे कोई महामारी नहीं बल्कि एक जनहत्या मानी जाए। गोरखपुर के प्रतिनिधि होने के नाते भी, योगी आदित्यनाथ कम से कम अपने वोटरों से माफ़ी मांगें कि वे हमारे बच्चों को सुरक्षा नहीं दे पाए। 

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Swaraj India expresses shock & grief at Gorakhpur Tragedy.

Press Note : 12th August 2017

  • Swaraj India expresses deep shock & grief at Gorakhpur Tragedy where 30 children lost their lives.
  • Party takes strong exception to abject misgovernnace & callousness of Uttar Pradesh Government.
  • Party demands independent enquiry into the tragedy and apology from the CM Yogi Adityanath. 

Swaraj India has expressed deep shock and grief at the tragic death of 30 children in a UP govt-run hospital in Gorakhpur. It has come to light that the unfortunate incident occurred because the supply of Liquid-Oxygen was discontinued due to non-payment of dues to the supplier. Also, the data coming out of the state-run Baba Raghav Das Hospital has shown that at least 60 children have died in five days from 7th August To 11thAugust.

The party has taken strong exception to the callousness and abject misgovernance  of medical facilities in Gorakhpur, Loksabha constituency that has returned Yogi Adityanath as its MP since 1988. UP Chief Minister Yogi Adityanath has been the self-proclaimed conservator of Gorakhpur which has seen children die of Encephalitis year after year. However, the unfortunate death of 30 children in 24 hours in BRD Medical College is shocking since the children did not die because of illness. They died because the hospital could not supply them Oxygen to breathe. This becomes all the more alarming since the Chief Minister is said to visit the hospital just about two days before the incident.

“Wonder what the visit was about if the Chief Minister did not even consider it worthwhile  to find if the basic facilities to the pediatric ward, that he personally visited, were adequate?” asked Yogendra Yadav, Swaraj India President.

What is even more worrying is that the Chief Minister or his cabinet colleagues refuses to take responsibility. The entire incident is being put off as mismanagement at the officer level. This pulls the façade off the BJP as a party that stands to claim high moral ground at the slightest instance.

Swaraj India has demanded an independent enquiry into the tragedy terming the tragic incident not just an epidemic, but be treated as culpable homicide. Also, what Yogi Adityanath as the elected representative of Gorakhpur can do to begin with is to seek forgiveness from his electorate for failing to protect our children.